दाऊद यहूदा पर राजा अभिषिक्त किया जाता है
दाऊद हमारे पिता से पूछता है कि कहाँ जाए, और उसे हेब्रोन भेजा जाता है, जहाँ यहूदा उसका राजा के रूप में अभिषेक करता है। अब्नेर शाऊल के पुत्र को उत्तर पर राजा बना देता है, और दोनों घराने गिबोन के जलकुण्ड पर आमने-सामने होते हैं। एक मुकाबला मारकाट में बदल जाता है, और अब्नेर न चाहते हुए भी योआब के फुर्तीले छोटे भाई असाहेल को मार डालता है।
2 1इसके बाद दाऊद ने हमारे परमपिता से पूछा, “क्या मैं यहूदा के किसी नगर में जाऊँ?” हमारे परमपिता ने कहा, “जा।” दाऊद ने पूछा, “कहाँ?” उन्होंने कहा, “हेब्रोन।”
2इसलिए दाऊद अपनी दोनों पत्नियों यिज्रेली अहीनोअम और कर्मेली नाबाल की विधवा अबीगैल को साथ लेकर वहाँ गया। 3दाऊद ने अपने साथ के जनों को भी उनके घरानों समेत वहाँ पहुँचाया, और वे हेब्रोन के नगरों में बस गए। 4तब यहूदा के लोगों ने आकर वहाँ दाऊद का अभिषेक किया, कि वह यहूदा के घराने पर राजा हो। जब उन्होंने दाऊद को बताया कि गिलाद के याबेश के लोगों ने शाऊल को गाड़ा है, 5तब उसने गिलाद के याबेश के लोगों के पास दूत भेजकर कहलवाया, “हमारे परमपिता तुम को इस भलाई का आशीष दें, कि तुम ने अपने स्वामी शाऊल के साथ यह करुणा दिखाई और उसे गाड़ा। 6अब हमारे परमपिता तुम पर करुणा और सच्चाई प्रगट करें; और मैं भी तुम्हारे इस काम के कारण तुम से भलाई करूँगा। 7अब तुम हियाव बाँधो और वीर बनो, क्योंकि तुम्हारा स्वामी शाऊल तो मर गया है, और यहूदा के घराने ने मेरा अभिषेक करके मुझे अपना राजा ठहराया है।”
अब्नेर ईशबोशेत को इस्राएल पर राजा बनाता है
8परन्तु नेर के पुत्र अब्नेर ने, जो शाऊल का सेनापति था, शाऊल के पुत्र ईशबोशेत को लेकर महनैम में पार पहुँचाया, 9और उसको गिलाद, अशूरियों, यिज्रेल, एप्रैम, बिन्यामीन, अर्थात् समस्त इस्राएल पर राजा बनाया। 10जब ईशबोशेत इस्राएल पर राजा हुआ तब वह चालीस वर्ष का था, और उसने दो वर्ष राज्य किया। परन्तु यहूदा का घराना दाऊद के पीछे हो लिया। 11दाऊद हेब्रोन में यहूदा के घराने पर सात वर्ष छ: महीने राजा रहा।
गिबोन में भाई के विरुद्ध भाई
12नेर का पुत्र अब्नेर शाऊल के पुत्र ईशबोशेत के सेवकों को लेकर महनैम से गिबोन को निकल गया। 13सरूयाह का पुत्र योआब और दाऊद के सेवक भी निकले, और उनसे गिबोन के जलकुण्ड के पास मिले; और एक दल कुण्ड के इस ओर और दूसरा उस ओर बैठ गया। 14तब अब्नेर ने योआब से कहा, “जवान उठकर हमारे सामने खेल दिखाएँ।” योआब ने कहा, “वे उठें।”
15इसलिए वे उठकर गिनती के अनुसार पार गए, बिन्यामीन और शाऊल के पुत्र ईशबोशेत की ओर से बारह, और दाऊद के सेवकों में से बारह। 16तब हर एक ने अपने सामनेवाले का सिर पकड़कर उसकी तलवार उसके पहलू में भोंक दी, और वे एक साथ गिर पड़े। इस कारण उस स्थान का नाम हेल्कथ-हस्सूरीम पड़ा, जो गिबोन में है। a a v16 हेल्कथ-हस्सूरीम का अर्थ है “तलवार की धारों का खेत” — वहाँ लड़े गए घातक आमने-सामने के युद्ध के कारण उस स्थान का यह नाम रखा गया। 17उस दिन बड़ा घोर युद्ध हुआ; और अब्नेर और इस्राएल के लोग दाऊद के सेवकों से हार गए। 18वहाँ सरूयाह के तीन पुत्र थे: योआब, अबीशै और असाहेल; और असाहेल जंगली हरिणी के समान वेग से दौड़नेवाला था। 19उसने अब्नेर का पीछा किया, और उसका पीछा करते हुए न दाहिनी ओर मुड़ा और न बाईं ओर। 20अब्नेर ने पीछे मुड़कर पूछा, “क्या तू ही असाहेल है?” उसने उत्तर दिया, “हाँ, मैं ही हूँ।”
21अब्नेर ने उससे कहा, “दाहिने या बाएँ मुड़ जा, और किसी जवान को पकड़कर उसका साज-सामान ले ले।” परन्तु असाहेल ने उसका पीछा छोड़ने से इन्कार किया। 22अब्नेर ने असाहेल से फिर कहा, “मेरा पीछा छोड़ दे। मुझ से क्यों मरवाना चाहता है? फिर मैं तेरे भाई योआब को अपना मुँह कैसे दिखाऊँगा?” 23तौभी उसने मुड़ने से इन्कार किया, इसलिए अब्नेर ने अपने भाले की पिछाड़ी से उसके पेट में ऐसा मारा कि भाला आर-पार निकल गया; और वह वहीं गिरकर उसी स्थान पर मर गया। और जो कोई उस स्थान पर आया जहाँ असाहेल गिरकर मरा था, वह वहीं ठहर गया। 24परन्तु योआब और अबीशै अब्नेर का पीछा करते रहे; और सूर्य अस्त होते-होते वे अम्मा नामक उस पहाड़ी तक पहुँचे, जो गिबोन के जंगल के मार्ग में गीह के सामने है। 25और बिन्यामीनी अब्नेर के पीछे इकट्ठे होकर एक दल बन गए, और एक पहाड़ी की चोटी पर खड़े हुए। 26तब अब्नेर ने योआब को पुकारकर कहा, “क्या तलवार सदा ग्रसती ही रहेगी? क्या तू नहीं जानता कि इसका अन्त कड़वाहट में होगा? तू लोगों को अपने भाइयों का पीछा छोड़कर लौटने की आज्ञा कब तक न देगा?”
27योआब ने कहा, “जीवित हमारे परमपिता की शपथ, यदि तू न बोला होता, तो लोग सवेरे तक अपने भाइयों का पीछा करते ही रहते।” 28तब योआब ने नरसिंगा फूँका, और सब लोग ठहर गए; और उन्होंने फिर न तो इस्राएल का पीछा किया और न युद्ध किया। 29अब्नेर और उसके जन उस सारी रात अराबा से होकर चले, और यरदन को पार किया, और सारे बित्रोन में से होते हुए महनैम को पहुँचे।
30योआब अब्नेर का पीछा छोड़कर लौटा, और जब उसने सब लोगों को इकट्ठा किया, तब दाऊद के जनों में से उन्नीस जन असाहेल को छोड़ बिना पाए गए। 31परन्तु दाऊद के सेवकों ने बिन्यामीन के और अब्नेर के जनों में से तीन सौ साठ पुरुषों को मार डाला था। 32उन्होंने असाहेल को उठाकर बेतलेहेम में उसके पिता की कब्र में गाड़ दिया; और योआब और उसके जन रात भर चलते रहे, और पौ फटते-फटते हेब्रोन पहुँचे।