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भजन संहिता 61

पुस्तक

पृथ्वी की छोर से एक पुकार

प्रधान बजानेवाले के लिये : तारवाले बाजों के साथ। दाऊद का भजन।

पृथ्वी की छोर से भेजी गई एक प्रार्थना, ऐसे व्यक्ति की जिसका मन मूर्छित हो रहा है; वह अपने पिता से माँगता है कि उसे उस चट्टान पर ले चले जो उससे ऊँची है। वह भेंट नहीं, निवास चाहता है — तेरे तम्बू में सदा — और राजा के लिए लम्बी आयु।

अध्याय 61।

हे मेरे परमपिता, मेरी दुहाई सुन; मेरी प्रार्थना पर ध्यान दे। जब मेरा मन मूर्च्छित होता है, तब मैं पृथ्वी की छोर से तुझे पुकारता हूँ; मुझे उस चट्टान तक ले चल जो मुझ से ऊँची है। क्योंकि तू मेरा शरणस्थान बना है, शत्रु के सामने एक दृढ़ गढ़।

मेरी अभिलाषा है कि तेरे तम्बू में सदा वास करूँ, और तेरे पंखों की आड़ में शरण लूँ। क्योंकि हे मेरे परमपिता, तू ने मेरी मन्नतें सुन ली हैं; तू ने मुझे उनका भाग दिया है जो तेरे नाम का भय मानते हैं। राजा की आयु को बढ़ा; उसके वर्ष बहुत पीढ़ियों तक बने रहें। वह हमारे परमपिता के सम्मुख सदा राज्य-सिंहासन पर विराजमान रहे; अपनी वाचा की करुणा और सच्चाई को उसकी रक्षा के लिये नियुक्त कर। तब मैं सदा तेरे नाम का भजन गाता रहूँगा और दिन-प्रतिदिन अपनी मन्नतें पूरी करता रहूँगा।

A young man reading the Father's Heart Bible (FHB) print edition in a coffee shop अब छपाई में

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