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भजन संहिता 13

पुस्तक

तू कब तक छिपाए रहेगा?

प्रधान बजानेवाले के लिए। दाऊद का एक भजन।

दाऊद चार बार पूछता है कि कब तक — कब तक भुलाया रहूँ, कब तक तुम मुझसे मुख छिपाओगे, कब तक दुःख उठाऊँ, कब तक शत्रु मुझ पर प्रबल रहे। उसकी स्थिति में कुछ नहीं बदलता। फिर भी भजन अपने पिता के प्रेम पर आकर मुड़ जाता है, और पहले से पाई भलाई के गीत के साथ समाप्त होता है।

अध्याय 13।

हे मेरे परमपिता, तू कब तक मुझे भूला रहेगा? क्या सदा के लिए? तू कब तक अपना मुख मुझ से छिपाए रहेगा?

मैं कब तक अपने विचारों से जूझता रहूँ और दिन भर अपने मन में शोक लिए फिरूँ? मेरा शत्रु कब तक मुझ पर प्रबल रहेगा? हे मेरे परमपिता, मुझ पर दृष्टि कर और मुझे उत्तर दे; मेरी आँखों में ज्योति दे, कहीं ऐसा न हो कि मैं मृत्यु की नींद सो जाऊँ।

मेरा शत्रु कहेगा, “मैंने उस पर जय पा ली है,” और मेरे विरोधी आनन्दित होंगे जब मैं गिर जाऊँ। परन्तु मैंने तो तेरी करुणा पर भरोसा रखा है; तेरे उद्धार से मेरा मन आनन्दित होगा। मैं अपने परमपिता के लिए गाऊँगा, क्योंकि उसने मुझ पर बड़ी भलाई की है।

A young man reading the Father's Heart Bible (FHB) print edition in a coffee shop अब छपाई में

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